मंडी (हिमाचल प्रदेश): अक्सर कहा जाता है कि सिविल सेवा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का एक जरिया है। इसी उद्देश्य को सार्थक करते हुए मंडी जिला प्रशासन द्वारा सिविल सेवा की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए ‘भविष्य सेतु’ कार्यक्रम के तहत एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया।
डीआरडीए (DRDA) हॉल में आयोजित इस ‘सिविल सर्विसेज प्रीमियर वर्कशॉप’ की अध्यक्षता उपायुक्त (DC) मंडी, अपूर्व देवगन ने की। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य IAS और HPAS (हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा) की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को सही मार्गदर्शन और रणनीतिक दिशा प्रदान करना था।
समाज सेवा का सबसे बड़ा मंच: उपायुक्त अपूर्व देवगन
कार्यशाला को संबोधित करते हुए उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि सिविल सेवाएं युवाओं के लिए देश और समाज की सेवा करने का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रभावशाली माध्यम हैं। उन्होंने अभ्यर्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि एक प्रशासनिक अधिकारी के पास नीति निर्धारण और जमीनी स्तर पर सुधार करने के जो अवसर होते हैं, वे अन्य सेवाओं में विरले ही मिलते हैं।
उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे न केवल परीक्षा पास करने के लिए पढ़ें, बल्कि समाज की समस्याओं को समझने और उनके समाधान खोजने का दृष्टिकोण भी विकसित करें।
सफलता के 5 स्तंभ: कार्यशाला के मुख्य बिंदु
कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों और अधिकारियों ने सिविल सेवा परीक्षा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की। अभ्यर्थियों को निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर मार्गदर्शन दिया गया:
- परीक्षा पैटर्न और पाठ्यक्रम (Syllabus): अभ्यर्थियों को प्रारंभिक (Prelims) और मुख्य परीक्षा (Mains) के बीच के सूक्ष्म अंतर को समझाया गया।
- वैकल्पिक विषय का चयन: विशेषज्ञ ने बताया कि वैकल्पिक विषय का चुनाव केवल दूसरों को देखकर नहीं, बल्कि अपनी रुचि और विषय की उपलब्धता के आधार पर करना चाहिए।
- समय प्रबंधन (Time Management): उपायुक्त ने समय के सदुपयोग पर विशेष बल दिया और बताया कि कैसे एक व्यवस्थित टाइम-टेबल तैयारी के तनाव को कम कर सकता है।
- उत्तर लेखन कौशल (Answer Writing): मुख्य परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए निरंतर उत्तर लेखन के अभ्यास को अनिवार्य बताया गया।
- समसामयिक विषय (Current Affairs): वर्तमान घटनाओं और ज्वलंत मुद्दों पर मजबूत पकड़ बनाने के लिए समाचार पत्रों के नियमित अध्ययन की सलाह दी गई।
’भविष्य सेतु’ की अगली कड़ी: कॉलेजों और ITI तक पहुंचेगा अभियान
डीसी मंडी ने घोषणा की कि जिला प्रशासन की यह पहल केवल जिला मुख्यालय तक सीमित नहीं रहेगी। भविष्य में ‘भविष्य सेतु’ कार्यक्रम के तहत जिले के विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों और आईटीआई (ITI) में भी ऐसी कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इससे दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले प्रतिभावान युवाओं को भी सिविल सेवाओं के बारे में सटीक जानकारी और प्रोत्साहन मिल सकेगा।
इंटरैक्टिव सेशन: शंकाओं का हुआ समाधान
कार्यशाला के दौरान एक ‘डाउट क्लियरिंग’ (Doubt Clearing) सत्र भी रखा गया, जिसमें अभ्यर्थियों ने अधिकारियों से अपनी व्यक्तिगत उलझनों और परीक्षा की चुनौतियों से संबंधित प्रश्न पूछे। अधिकारियों ने अपने निजी अनुभव साझा करते हुए युवाओं का मनोबल बढ़ाया। इस अवसर पर जिला रोजगार अधिकारी अरविंद सिंह चौहान सहित कई अन्य अधिकारी और बड़ी संख्या में अभ्यर्थी मौजूद रहे।
निष्कर्ष
मंडी जिला प्रशासन की यह पहल उन युवाओं के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी, जो संसाधनों के अभाव या सही जानकारी न होने के कारण पिछड़ जाते हैं। ‘भविष्य सेतु’ जैसे कार्यक्रम न केवल शिक्षा का स्तर सुधारते हैं, बल्कि राज्य के भविष्य को कुशल प्रशासक देने में भी सहायक होते हैं।










