एजुकेशन डेस्क। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने पश्चिम एशिया (Middle East) के देशों में पढ़ रहे कक्षा 10वीं के छात्रों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। क्षेत्र में बिगड़ते सुरक्षा हालातों और तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए बोर्ड ने 10वीं की मुख्य परीक्षाओं को पूरी तरह रद्द कर दिया है। अब इन छात्रों का परिणाम बोर्ड द्वारा निर्धारित एक विशेष ‘असेसमेंट स्कीम’ (मूल्यांकन योजना) के आधार पर तैयार किया जाएगा।
क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?
पश्चिम एशिया में इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। छात्रों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए सीबीएसई ने पहले परीक्षाओं को स्थगित किया था, लेकिन स्थिति में सुधार न होने पर बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे देशों में स्थित सीबीएसई स्कूलों की 10वीं की परीक्षाएं रद्द कर दी गईं।
कैसे तैयार होगा रिजल्ट? (मूल्यांकन फॉर्मूला)
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि रिजल्ट छात्रों द्वारा दी गई परीक्षाओं की संख्या और उनके प्रदर्शन के आधार पर तैयार होगा। इसके लिए निम्नलिखित श्रेणियां तय की गई हैं:
- सभी परीक्षाओं में उपस्थित छात्र: जिन छात्रों ने सभी विषयों की परीक्षा दे दी है, उनका रिजल्ट उनके वास्तविक प्राप्तांकों के आधार पर बनेगा।
- 3 से अधिक विषयों की परीक्षा देने वाले छात्र: यदि किसी छात्र ने 4 विषयों की परीक्षा दी है, तो बचे हुए विषयों के अंक उन 4 में से ‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन वाले 3 विषयों’ के औसत (Average) के आधार पर दिए जाएंगे।
- केवल 3 विषयों की परीक्षा देने वाले छात्र: इनके बचे हुए विषयों के अंक ‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन वाले 2 विषयों’ के औसत के आधार पर तय होंगे।
- केवल 2 विषयों की परीक्षा देने वाले छात्र: इनका रिजल्ट शेष विषयों के लिए उन्हीं 2 विषयों के औसत अंकों पर आधारित होगा।
- निजी (Private) छात्र: 2025 या उससे पहले पंजीकृत छात्र यदि किसी परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए हैं, तो उन्हें अगली बोर्ड परीक्षा में बैठने का अवसर दिया जाएगा।
आंतरिक मूल्यांकन और केंद्र परिवर्तन
बोर्ड ने साफ कर दिया है कि स्कूलों द्वारा सालभर किए गए ‘इंटरनल असेसमेंट’ के अंक यथावत रहेंगे और उनमें कोई बदलाव नहीं होगा। साथ ही, जिन छात्रों ने अपना परीक्षा केंद्र किसी दूसरे देश या शहर में बदल लिया था, उनके अंक उनके द्वारा दी गई परीक्षाओं के आधार पर ही जोड़े जाएंगे।
12वीं के छात्रों के लिए क्या है योजना?
सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि यह विशेष फॉर्मूला वर्तमान में केवल कक्षा 10वीं के लिए है। कक्षा 12वीं के छात्रों के मूल्यांकन के लिए बोर्ड अलग से नीति तैयार कर रहा है, जिसकी घोषणा जल्द ही की जाएगी।
अंक सुधार का मौका
यदि कोई छात्र बोर्ड द्वारा जारी इस फॉर्मूले के आधार पर मिले अंकों से संतुष्ट नहीं होता है, तो उसे भविष्य में आयोजित होने वाली ‘सुधार परीक्षा’ (Improvement Exam) में बैठकर अपने मार्क्स बेहतर करने का विकल्प दिया जाएगा।










