IRS अधिकारी भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के अधीन राजस्व विभाग में काम करते हैं। इनका मुख्य कार्य प्रत्यक्ष कर (Income Tax) और अप्रत्यक्ष कर (GST, Customs) का प्रबंधन करना है।
1. शैक्षणिक योग्यता (Educational Qualification)
- उम्मीदवार के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (Graduation) की डिग्री होनी चाहिए।
- बी.कॉम, अर्थशास्त्र या विधि (Law) के छात्रों को इस क्षेत्र में अतिरिक्त लाभ मिलता है, हालांकि किसी भी विषय के छात्र आवेदन कर सकते हैं।
- स्नातक के अंतिम वर्ष के छात्र भी प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) में बैठ सकते हैं।
2. आयु सीमा (Age Limit)
UPSC द्वारा निर्धारित आयु सीमा (1 अगस्त 2026 तक) इस प्रकार है:
| श्रेणी | न्यूनतम आयु | अधिकतम आयु | प्रयासों की संख्या |
| :— | :— | :— | :— |
| सामान्य (General/EWS) | 21 वर्ष | 32 वर्ष | 6 |
| OBC | 21 वर्ष | 35 वर्ष | 9 |
| SC/ST | 21 वर्ष | 37 वर्ष | असीमित |
3. चयन प्रक्रिया (Selection Process)
IRS अधिकारी का चयन UPSC Civil Services Examination (CSE) के माध्यम से होता है। यह परीक्षा तीन कठिन चरणों में विभाजित है:
चरण 1: प्रारंभिक परीक्षा (Prelims)
यह एक स्क्रीनिंग टेस्ट है जिसमें दो बहुविकल्पीय पेपर होते हैं:
- General Studies (GS): इतिहास, भूगोल, राजनीति और समसामयिकी।
- CSAT: गणितीय योग्यता और तार्किक क्षमता (यह केवल क्वालीफाइंग होता है, 33% अंक अनिवार्य)।
चरण 2: मुख्य परीक्षा (Mains)
प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाले छात्र मुख्य परीक्षा में बैठते हैं, जिसमें कुल 9 वर्णनात्मक (Descriptive) पेपर होते हैं:
- दो क्वालीफाइंग पेपर (अंग्रेजी और भारतीय भाषा)।
- एक निबंध (Essay) का पेपर।
- चार सामान्य अध्ययन (GS I, II, III, IV) के पेपर।
- दो वैकल्पिक विषय (Optional Subject) के पेपर।
चरण 3: साक्षात्कार (Personality Test)
मुख्य परीक्षा के अंकों के आधार पर उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है। यहाँ उम्मीदवार के व्यक्तित्व, निर्णय लेने की क्षमता और प्रशासनिक कौशल का परीक्षण किया जाता है।
4. पद और पदोन्नति (Career Path)
एक IRS अधिकारी अपने करियर की शुरुआत असिस्टेंट कमिश्नर के रूप में करता है। समय और अनुभव के साथ वे ‘प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर’ या ‘CBDT/CBIC’ के अध्यक्ष तक पहुँच सकते हैं।
5. वेतन और सुविधाएं (Salary & Perks)
7वें वेतन आयोग के अनुसार, एक नए IRS अधिकारी का मूल वेतन ₹56,100 होता है, जो भत्तों (DA, HRA, TA) को मिलाकर लगभग ₹85,000 से ₹1,00,000 तक पहुँच जाता है। इसके साथ ही सरकारी आवास, वाहन और अन्य सुविधाएं भी मिलती हैं।










