वाराणसी: काशी की प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्था, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध महाविद्यालयों के छात्रों के लिए आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा घोषित समय-सारिणी के अनुसार, मंगलवार (10 मार्च 2026) से बीएड (शिक्षाशास्त्री) के प्रथम और तृतीय सेमेस्टर की परीक्षाएं आधिकारिक रूप से प्रारंभ हो रही हैं।
शास्त्री की परीक्षाएं सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद, अब विश्वविद्यालय का पूरा ध्यान शिक्षाशास्त्री (B.Ed) की परीक्षाओं को सुचारू रूप से आयोजित करने पर है।
परीक्षा का विस्तृत विवरण और सत्र
विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग द्वारा जारी सूचना के अनुसार, यह परीक्षाएं विभिन्न श्रेणियों के छात्रों के लिए आयोजित की जा रही हैं:
- प्रथम सेमेस्टर (सत्र 2025-27): इसमें नियमित (Regular), भूतपूर्व (Ex-student), बैकपेपर और श्रेणी सुधार (Improvement) के छात्र शामिल होंगे।
- तृतीय सेमेस्टर (सत्र 2024-26): इस सत्र के छात्र अपनी निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार परीक्षा देंगे।
परीक्षा का समय और पालियां
छात्रों की सुविधा और व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखने के लिए विश्वविद्यालय ने परीक्षाओं को दो अलग-अलग पालियों में विभाजित किया है:
- सुबह की पाली (8:00 AM से 11:00 AM): प्रथम सेमेस्टर के छात्र इस समय में अपनी परीक्षा देंगे।
- दोपहर की पाली (1:00 PM से 4:00 PM): तृतीय सेमेस्टर के छात्रों के लिए दोपहर का समय निर्धारित किया गया है।
परीक्षा प्रशासन की तैयारियां
परीक्षा नियंत्रक प्रो. दिनेश कुमार ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि 10 मार्च से शुरू होकर यह परीक्षाएं 12 मार्च तक संचालित होंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा को नकलविहीन और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी महाविद्यालयों के प्राचार्यों को परीक्षा संबंधी दिशा-निर्देश और आवश्यक सामग्री पहले ही प्रेषित की जा चुकी है। उड़नदस्तों (Flying Squads) का भी गठन किया गया है ताकि केंद्रों पर शुचिता बनी रहे।
छात्रों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश
परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों को सलाह दी गई है कि वे अपने प्रवेश पत्र (Admit Card) के साथ समय से कम से कम 30 मिनट पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचें। किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे मोबाइल, स्मार्ट वॉच या डिजिटल कैलकुलेटर परीक्षा हॉल में ले जाना पूरी तरह वर्जित है।
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय अपनी प्राचीन परंपराओं के साथ आधुनिक शिक्षा मानकों को बनाए रखने के लिए जाना जाता है। बीएड की यह परीक्षाएं भावी शिक्षकों के चयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।










