उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) द्वारा आयोजित की जा रही बोर्ड परीक्षाओं में सुचिता और सुरक्षा के तमाम दावों के बीच मऊ जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ इंटरमीडिएट (कक्षा 12वीं) की गणित की परीक्षा के दौरान एक परीक्षा केंद्र पर प्रश्नपत्रों की भारी कमी पाई गई। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि प्रश्नपत्रों का पैकेट पूरी तरह सीलबंद था, लेकिन उसके अंदर दर्ज संख्या से काफी कम पेपर निकले।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना मऊ जिले के परीक्षा केंद्र संख्या 1006, श्री दुर्गाजी इंटर कॉलेज, चिउटीडाड की है। 23 फरवरी को दूसरी पाली (शाम की पाली) में इंटरमीडिएट के गणित विषय की परीक्षा निर्धारित थी। नियमानुसार, जब केंद्र व्यवस्थापक ने स्टेटिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में प्रश्नपत्रों का सीलबंद पैकेट खोला, तो वहां मौजूद सभी अधिकारियों के होश उड़ गए।
पैकेट के मुख्य कवर (Main Cover) पर स्पष्ट रूप से 60 प्रश्नपत्र होने की जानकारी दर्ज थी। इसका ओपी सीरियल नंबर 70042651 से 70042710 तक अंकित था। लेकिन जब पैकेट के अंदर की गिनती की गई, तो उसमें केवल 20 प्रश्नपत्र ही निकले। यानी पैकेट से सीधे तौर पर 40 प्रश्नपत्र गायब थे।
डेढ़ घंटे की देरी और मची अफरा-तफरी
जैसे ही प्रश्नपत्र कम होने की सूचना मिली, परीक्षा केंद्र पर हड़कंप मच गया। कक्ष में बैठे छात्र पेपर का इंतजार करने लगे, लेकिन कमी के कारण वितरण रोक दिया गया। केंद्र व्यवस्थापक ने तत्काल इसकी सूचना जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) और उच्च अधिकारियों को दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईओएस गौतम प्रसाद और मंडलीय पर्यवेक्षक राजेंद्र प्रसाद तुरंत मौके पर पहुंचे। आनन-फानन में व्यवस्था बनाने के लिए रणनीति तैयार की गई। प्रशासन ने निर्णय लिया कि पास के अन्य केंद्रों से अतिरिक्त बचे हुए प्रश्नपत्र मंगाए जाएं।
पांच केंद्रों से मंगाए गए प्रश्नपत्र
परीक्षा को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए शिक्षा विभाग ने सक्रियता दिखाई। अधिकारियों ने बताया कि मऊ के ही पांच नजदीकी परीक्षा केंद्रों से संपर्क किया गया और वहां से अतिरिक्त प्रश्नपत्र मंगवाए गए। प्रश्नपत्रों के आने और उनके वितरण की इस पूरी प्रक्रिया में लगभग डेढ़ घंटे (1 घंटा 30 मिनट) का समय लग गया।
इस देरी के कारण छात्र और अभिभावक काफी चिंतित नजर आए। हालांकि, प्रशासन ने छात्रों के नुकसान की भरपाई के लिए उन्हें परीक्षा खत्म होने के निर्धारित समय के बाद अतिरिक्त समय प्रदान किया। मंडलीय पर्यवेक्षक की सीधी निगरानी में परीक्षा संपन्न कराई गई।
DIOS ने बोर्ड सचिव को भेजी रिपोर्ट
इस बड़ी लापरवाही को लेकर डीआईओएस गौतम प्रसाद ने माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) के सचिव को विस्तृत पत्र भेजा है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि पैकेट सीलबंद था और उस पर अंकित संख्या और वास्तविक संख्या में भारी अंतर पाया गया। यह चूक प्रिंटिंग प्रेस के स्तर पर हुई है या पैकेजिंग के दौरान, इसकी जांच की मांग की गई है।
निष्कर्ष और सुरक्षा पर सवाल
यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 को नकल विहीन बनाने के लिए सरकार ने कड़े इंतजाम किए हैं, लेकिन सीलबंद पैकेट से पेपर कम निकलना सीधे तौर पर बोर्ड की कार्यप्रणाली और पैकेजिंग प्रक्रिया पर सवालिया निशान लगाता है। मऊ की इस घटना ने प्रशासन को सतर्क कर दिया है ताकि भविष्य की परीक्षाओं में ऐसी तकनीकी या मानवीय भूल दोबारा न हो।










