वाराणसी: शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाले वाराणसी के उदय प्रताप (यूपी) स्वायत्तशासी कॉलेज ने छात्रों के भविष्य को संवारने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। अब कॉलेज के छात्रों को नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (NET) और जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं की तैयारी के लिए बाहर भटकने की जरूरत नहीं होगी। कॉलेज प्रशासन ने परिसर में ही इन परीक्षाओं के लिए विशेष मार्गदर्शन कक्षाएं संचालित करने का निर्णय लिया है।
सेमिनार हॉल में करियर काउंसलिंग का आयोजन
मंगलवार को कॉलेज के राजर्षि सेमिनार हॉल में एक भव्य करियर परामर्श और मार्गदर्शन सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र में विशेष रूप से नेट-सीएसआईआर (NET-CSIR) और जेआरएफ की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं को आमंत्रित किया गया था। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और स्थानीय पृष्ठभूमि से आने वाले मेधावी छात्रों को उचित संसाधन और सही दिशा प्रदान करना है ताकि वे उच्च शिक्षा और शोध (Research) के क्षेत्र में अपना परचम लहरा सकें।
मानसिक स्वास्थ्य पर प्राचार्य का विशेष संबोधन
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर धर्मेंद्र कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को सफलता के मंत्र दिए। उन्होंने केवल किताबी ज्ञान पर ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) की मजबूती पर भी जोर दिया। प्रो. सिंह ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी युग में छात्र अक्सर तनाव का शिकार हो जाते हैं।
उन्होंने एक बहुत ही सटीक उदाहरण देते हुए समझाया कि “जिस प्रकार कंप्यूटर को सुचारू रूप से चलाने के लिए समय-समय पर गैर-जरूरी डेटा को डिलीट और फिल्टर करना पड़ता है, ठीक उसी प्रकार मनुष्य को भी अपने मन में उठने वाले नकारात्मक और व्यर्थ के विचारों को नियंत्रित करना चाहिए।” उन्होंने छात्रों को ‘डिजिटल टॉक्सिसिटी’ से बचने की सलाह दी और बताया कि कैसे सोशल मीडिया और अत्यधिक स्क्रीन टाइम छात्रों की एकाग्रता को प्रभावित कर रहा है।
विषय विशेषज्ञों ने दी तैयारी की रणनीति
इस कार्यक्रम में लाइफ साइंसेज, प्राणी विज्ञान (Zoology) और वनस्पति विज्ञान (Botany) के स्नातकोत्तर छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सहायक आचार्य सतीश प्रताप सिंह ने छात्रों को परीक्षा के तकनीकी पहलुओं से रूबरू कराया। उन्होंने बताया कि NET-JRF की परीक्षा में ‘कोर एरिया’ (Core Areas) की पहचान करना कितना महत्वपूर्ण है।
उन्होंने छात्रों को निम्नलिखित सुझाव दिए:
- विषयवार प्राथमिकता: सिलेबस के उन हिस्सों पर ज्यादा ध्यान दें जिनसे बार-बार प्रश्न पूछे जाते हैं।
- समय प्रबंधन: परीक्षा के दौरान कठिन सवालों के बजाय पहले उन सवालों को हल करें जिनमें आप निपुण हैं।
- प्रभावी नोट्स: तैयारी के दौरान संक्षिप्त और सटीक नोट्स बनाना रिवीजन के समय काफी मददगार साबित होता है।
सभी संकायों का मिलेगा सहयोग
कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कोचिंग सुविधा जल्द ही पूर्ण रूप से संचालित होने लगेगी। इसमें केवल विज्ञान ही नहीं, बल्कि कला और वाणिज्य संकायों के विशेषज्ञों को भी जोड़ा जाएगा ताकि हर विषय के छात्र इसका लाभ उठा सकें। कॉलेज का लक्ष्य एक ऐसा वातावरण तैयार करना है जहाँ छात्र अकादमिक पढ़ाई के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी पूरी तरह तैयार रहें।
निष्कर्ष
यूपी कॉलेज की यह पहल वाराणसी और आसपास के जिलों के छात्रों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। विशेष मार्गदर्शन कक्षाओं के शुरू होने से न केवल कॉलेज का गौरव बढ़ेगा, बल्कि देश को भविष्य के बेहतरीन शोधकर्ता और प्रोफेसर भी मिलेंगे।










