Home / Civil Services / यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड की सख्त चेतावनी: परीक्षा सामग्री या प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर साझा किया तो खैर नहीं, होगी जेल

यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड की सख्त चेतावनी: परीक्षा सामग्री या प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर साझा किया तो खैर नहीं, होगी जेल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) ने आगामी 14 और 15 मार्च को आयोजित होने वाली उपनिरीक्षक (SI) एवं समकक्ष पदों की सीधी भर्ती परीक्षा को लेकर अभूतपूर्व सख्ती दिखाई है। बोर्ड ने एक विस्तृत एडवाइजरी जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए अब केवल परीक्षा केंद्र के अंदर ही नहीं, बल्कि डिजिटल दुनिया पर भी पैनी नजर रखी जाएगी।

सोशल मीडिया पर चर्चा और विश्लेषण पर पूर्ण प्रतिबंध

​अक्सर देखा जाता है कि परीक्षा समाप्त होते ही यूट्यूबर्स, कंटेंट क्रिएटर्स और कोचिंग संस्थान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रश्नपत्रों का विश्लेषण (Analysis) शुरू कर देते हैं। भर्ती बोर्ड ने इस बार इसे पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है। यदि कोई भी व्यक्ति, ग्रुप एडमिन या संस्थान व्हाट्सएप, टेलीग्राम, यूट्यूब या अन्य किसी माध्यम पर परीक्षा के प्रश्नों, पैटर्न या सामग्री का प्रसार करता पाया गया, तो उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

भर्ती बोर्ड की डिजिटल स्ट्राइक टीम तैयार

​बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, सोशल मीडिया की निगरानी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। यह टीमें रियल-टाइम में इंटरनेट पर प्रसारित होने वाले कंटेंट को ट्रैक करेंगी। यदि किसी भी इलेक्ट्रॉनिक या यांत्रिक माध्यम से परीक्षा सामग्री को पुनरुत्पादित (Reproduce) या स्टोर किया गया, तो इसे कानून का उल्लंघन माना जाएगा।

अभ्यर्थियों के लिए ‘करो या मरो’ वाली स्थिति

​बोर्ड ने अभ्यर्थियों को भी सख्त हिदायत दी है। यदि कोई भी उम्मीदवार परीक्षा केंद्र से मूल ओएमआर (OMR) शीट बाहर ले जाने की कोशिश करता है या अनधिकृत रूप से परीक्षा सामग्री अपने पास रखता है, तो उसे तत्काल प्रभाव से परीक्षा के लिए अयोग्य (Disqualify) घोषित कर दिया जाएगा। इतना ही नहीं, भविष्य की परीक्षाओं के लिए भी उन पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है।

सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम-2024 का चाबुक

​नया कानून नकल माफिया और अफवाह फैलाने वालों पर नकेल कसने के लिए बनाया गया है। इसके तहत दोषी पाए जाने पर भारी जुर्माने के साथ-साथ कारावास की सजा का भी प्रावधान है। बोर्ड का मानना है कि परीक्षा से पहले या बाद में प्रश्नों पर सार्वजनिक चर्चा से भ्रम की स्थिति पैदा होती है और कई बार अफवाहों के कारण शांति व्यवस्था भंग होने का खतरा रहता है।

इन बातों का विशेष ध्यान रखें:

  1. सामग्री साझा न करें: परीक्षा के प्रश्नों को किसी भी सोशल मीडिया ग्रुप में पोस्ट या फॉरवर्ड न करें।
  2. भ्रामक दावों से बचें: ‘लीक पेपर’ या ‘सटीक उत्तर कुंजी’ जैसे दावों वाले वीडियो या मैसेज से दूर रहें।
  3. ओएमआर शीट की सुरक्षा: परीक्षा हॉल से निकलते समय सुनिश्चित करें कि आपने केवल अनुमत प्रति ही अपने पास रखी है।
  4. अफवाहों की सूचना दें: यदि आपको कोई संदिग्ध गतिविधि या प्रश्नपत्र बेचने का दावा करता दिखे, तो तुरंत पुलिस या बोर्ड को सूचित करें।

निष्कर्ष:

14 और 15 मार्च की परीक्षा प्रदेश के हजारों युवाओं के भविष्य का फैसला करेगी। भर्ती बोर्ड का लक्ष्य इस प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाना है। ऐसे में किसी भी प्रकार की ‘डिजिटल ओवर-स्मार्टनेस’ भारी पड़ सकती है। उम्मीदवारों और कंटेंट क्रिएटर्स को सलाह दी जाती है कि वे बोर्ड के नियमों का अक्षरशः पालन करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *