केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा घोषित 10वीं के परीक्षा परिणामों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि मेहनत और लगन से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। इस वर्ष के परिणामों में सबसे खास बात जिले की बेटियों का शानदार प्रदर्शन रहा है। मेधावी छात्र-छात्राओं की सफलता से न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे जिले और उनके स्कूलों में जश्न का माहौल है।
हर्षाअरी ने कायम किया कीर्तिमान
इस वर्ष की परीक्षा में दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) की छात्रा हर्षाअरी ने वह उपलब्धि हासिल की है, जो किसी भी विद्यार्थी का सपना होती है। हर्षाअरी ने पांचों मुख्य विषयों—विज्ञान, अंग्रेजी, फ्रेंच, सामाजिक विज्ञान और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)—में 100 में से 100 अंक प्राप्त किए हैं। शत-प्रतिशत अंकों के साथ उन्होंने देश के टॉपर्स की सूची में अपनी जगह बनाई है। उनकी इस सफलता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि एकाग्रता और सही मार्गदर्शन से पूर्णता प्राप्त की जा सकती है।
प्रमुख स्कूलों का प्रदर्शन और टॉपर्स की सूची
जिले के विभिन्न पब्लिक स्कूलों के विद्यार्थियों ने इस बार श्रेष्ठता के नए मानक स्थापित किए हैं। नीचे विभिन्न विद्यालयों के मेधावियों का विवरण दिया गया है:
1. दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS)
डीपीएस का प्रदर्शन इस बार बेहद सराहनीय रहा। हर्षाअरी के अलावा अन्य छात्रों ने भी बेहतरीन अंक पाए:
- हर्षाअरी: 100% (प्रथम)
- वंश कौशिक: 98.8% (द्वितीय)
- अनमोल बर्थवाल: 98.6% (तृतीय)
2. जेसीज पब्लिक स्कूल
जेसीज पब्लिक स्कूल के छात्रों ने भी मेरिट लिस्ट में दबदबा बनाए रखा:
- अंश श्रीवास्तव: 99% (स्कूल टॉपर)
- माही सिंह व प्रत्युश नंदा: 98.8% (संयुक्त द्वितीय)
- कैशिका डसीला: 98.6% (तृतीय)
3. कोलंबस पब्लिक स्कूल
- दिव्यांशु मेहरा: 98.4%
- पलक सैनी: 96.6%
- तपस्या सिरौही: 96.2%
4. भारतीयम इंटरनेशनल स्कूल
- सिमरन मेहता: 97.8%
- अनन्या: 97.2%
- हरिदिया अरोरा: 97%
5. एमिनिटी पब्लिक स्कूल
- सोमेश कुमार: 98.2% (प्रथम)
- सिद्धार्थ इश्पुजानी व रिया सिंह: 97.4% (संयुक्त द्वितीय)
- मोहम्मद अंसार, केदारनाथ ग्रोवर, रुद्राक्ष सिंह: 97.2% (संयुक्त तृतीय)
अन्य विद्यालयों के उभरते सितारे
सफलता की यह कहानी केवल बड़े संस्थानों तक सीमित नहीं रही। जिले के अन्य स्कूलों जैसे होली चाइल्ड पब्लिक स्कूल की मेघा गंगवार (96.2%) और द ऑक्सफोर्ड अकादमी के सूर्या वत्स (97.2%) ने भी शानदार प्रदर्शन किया।
रेनबो पब्लिक स्कूल के सागर रस्तोगी ने 98.4% अंकों के साथ स्कूल का नाम रोशन किया, जबकि आरएएन पब्लिक स्कूल (बिलासपुर रोड) के शिवांग अग्रवाल 96.6% अंकों के साथ अव्वल रहे। आरएएन स्कूल भूरारानी के अश्वनी अरोरा ने भी 98% अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
ग्रामीण और उपनगरीय क्षेत्रों में भी मेधा का जलवा
रुद्रपुर के रुद्रा पब्लिक स्कूल में हिमानी ने 95% अंक प्राप्त कर टॉप किया। इसी तरह पाथ सीकर इंटरनेशनल स्कूल के गौरव प्रसाद (95%) और फिफ्थ सेंटेनरी स्कूल लालपुर की मानसी शर्मा (94%) ने अपनी कड़ी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया।
बेटियों की सफलता: एक सामाजिक संदेश
परिणामों का विश्लेषण करें तो एक बात साफ है कि “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” का नारा अब धरातल पर सच साबित हो रहा है। अधिकांश स्कूलों में टॉप 3 की सूची में लड़कियों का वर्चस्व है। हर्षाअरी, सिमरन, मेघा, और हिमानी जैसी छात्राओं ने समाज को यह संदेश दिया है कि यदि बेटियों को समान अवसर और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, तो वे आकाश की ऊंचाइयों को छू सकती हैं।
शिक्षकों और अभिभावकों का योगदान
किसी भी विद्यार्थी की सफलता के पीछे उसके शिक्षकों का सही मार्गदर्शन और अभिभावकों का अटूट विश्वास होता है। विभिन्न स्कूलों के प्रधानाचार्यों—जैसे जेसीज पब्लिक स्कूल, एमिनिटी, और रुद्रा पब्लिक स्कूल के प्रबंधकों—ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। शिक्षकों का मानना है कि कोरोना काल के बाद शिक्षा के बदलते स्वरूप और डिजिटल माध्यमों (जैसे AI विषय में हर्षाअरी के 100 अंक) ने छात्रों को नई दिशा दी है।
निष्कर्ष
सीबीएसई 10वीं का यह परिणाम केवल अंकों का खेल नहीं है, बल्कि यह उन हजारों विद्यार्थियों के सपनों की उड़ान है जिन्होंने साल भर मेहनत की। हर्षाअरी की शत-प्रतिशत सफलता जिले के लिए गौरव का विषय है। हम उन सभी छात्र-छात्राओं को बधाई देते हैं जिन्होंने इस परीक्षा में सफलता प्राप्त की है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं।









