Board Result Scams 2026: 15 अप्रैल 2026 को सीबीएसई और एमपी बोर्ड के नतीजे घोषित होने के साथ ही साइबर अपराधियों का जाल भी बिछ गया है। जहाँ एक तरफ छात्र अपने भविष्य को लेकर उत्साहित हैं, वहीं दूसरी ओर ठग इस मौके को भुनाने की फिराक में हैं। सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर ऐसे कई फर्जी मैसेज और लिंक वायरल हो रहे हैं जो आपका डेटा और पैसा दोनों चुरा सकते हैं।
स्कैमर्स के जाल बुनने के 3 मुख्य तरीके
साइबर अपराधी इन दिनों बेहद शातिर हो गए हैं, वे मुख्य रूप से इन तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं:
- फर्जी लिंक (Phishing Links): व्हाट्सएप पर “सबसे पहले रिजल्ट देखने के लिए यहाँ क्लिक करें” जैसे मैसेज भेजे जा रहे हैं। इन लिंक्स पर क्लिक करते ही आपके फोन में मैलवेयर इंस्टॉल हो सकता है या आपका बैंक एक्सेस उनके पास जा सकता है।
- नंबर बढ़वाने का लालच: ठग खुद को बोर्ड का अधिकारी बताकर कॉल करते हैं और फेल हो रहे छात्रों को पास कराने या कम नंबर वालों के मार्क्स बढ़वाने के बदले मोटी रकम की मांग करते हैं।
- AI वॉइस क्लोनिंग: नए जमाने के ठग AI का उपयोग कर किसी परिचित की आवाज में कॉल कर पैसे मांग सकते हैं, जिससे आप आसानी से झांसे में आ जाएं।
रिजल्ट देखते समय क्या करें और क्या न करें?
बोर्ड परीक्षार्थियों और उनके माता-पिता के लिए कुछ जरूरी दिशा-निर्देश नीचे दिए गए हैं:
| क्या करें (DO’s) | क्या न करें (DON’Ts) |
|---|---|
| केवल .nic.in या .gov.in वाली आधिकारिक साइट्स का उपयोग करें। | व्हाट्सएप पर आए किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। |
| किसी भी कॉल को बोर्ड की आधिकारिक प्रेस रिलीज से वेरिफाई करें। | अपना रोल नंबर या आधार नंबर किसी अनजान वेबसाइट पर न डालें। |
| साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें। | रिजल्ट के बदले पैसे मांगने वाले किसी भी व्यक्ति को पेमेंट न करें। |
सुरक्षित रहने के लिए महत्वपूर्ण टिप्स
- पेमेंट से बचें: याद रखें, किसी भी बोर्ड का रिजल्ट देखने के लिए पैसे नहीं देने पड़ते। यदि कोई वेबसाइट या व्यक्ति आपसे यूपीआई (UPI) पिन या ऑनलाइन पेमेंट मांगता है, तो वह 100% फर्जी है।
- निजी जानकारी की सुरक्षा: अपनी मार्कशीट की फोटो सोशल मीडिया पर साझा करते समय अपना रोल नंबर या अन्य व्यक्तिगत विवरण छुपा दें (Hide करें), ताकि इसका गलत इस्तेमाल न हो सके।
- आधिकारिक स्रोत: हमेशा विश्वसनीय समाचार पत्रों या आधिकारिक बोर्ड पोर्टल का ही भरोसा करें।
ठगी होने पर क्या करें?
यदि आप या आपके आसपास कोई साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो समय गंवाए बिना ये कदम उठाएं:
- हेल्पलाइन नंबर: तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
- ऑनलाइन शिकायत: आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज करें।
- बैंक को सूचित करें: अपने बैंक को तुरंत सूचित कर खाता या कार्ड ब्लॉक करवाएं।
निष्कर्ष: डिजिटल दुनिया में आपकी सतर्कता ही आपकी सुरक्षा है। रिजल्ट के इस समय में संयम बरतें और केवल अधिकृत माध्यमों से ही अपनी मेहनत का फल देखें।










