सीबीएसई (CBSE) 10वीं के परिणाम घोषित होने के बाद जहां लाखों छात्रों के चेहरे खिले हैं, वहीं कुछ छात्र ऐसे भी हैं जिनकी एक या दो विषयों में कंपार्टमेंट आई है। ऐसे छात्रों को निराश होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने इस बार विद्यार्थियों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है। बोर्ड ने कंपार्टमेंट श्रेणी में आने वाले छात्रों को पास होने के लिए अब एक नहीं बल्कि तीन अवसर देने का निर्णय लिया है।
इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्र अपना साल खराब किए बिना अपनी शैक्षणिक योग्यता में सुधार कर सकें।
कब-कब मिलेंगे परीक्षा के मौके?
सीबीएसई की दो बोर्ड परीक्षा व्यवस्था के तहत, इस साल देशभर में 1,47,172 छात्र कंपार्टमेंट की श्रेणी में रखे गए हैं। इन छात्रों के लिए बोर्ड ने निम्नलिखित समय-सारणी तय की है:
- पहला मौका (मई 2026): दसवीं के नतीजों के तुरंत बाद, जो छात्र अपना प्रदर्शन सुधारना चाहते हैं या जो फेल हुए हैं, उन्हें मई 2026 में सुधार परीक्षा (Improvement/Compartment Exam) के रूप में पहला अवसर मिलेगा।
- दूसरा मौका (फरवरी 2027): यदि छात्र पहली बार में सफल नहीं हो पाते, तो वे फरवरी 2027 की मुख्य बोर्ड परीक्षा के साथ दूसरी बार बैठ सकते हैं।
- तीसरा और अंतिम मौका (मई 2027): यह अंतिम अवसर होगा। यदि कोई छात्र इस तीसरे प्रयास में भी सफल नहीं होता है, तो उसे भविष्य में सभी विषयों की परीक्षा नए सिरे से देनी होगी।
LOC (List of Candidates) और आवेदन प्रक्रिया
कंपार्टमेंट और सुधार परीक्षा के लिए आवेदन की प्रक्रिया 16 अप्रैल 2026 से शुरू हो रही है। छात्रों और स्कूलों को निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना होगा:
- अंतिम तिथि: आवेदन की प्रक्रिया 20 अप्रैल 2026 तक पूरी करनी होगी।
- लेट फीस: यदि छात्र 20 तारीख तक आवेदन नहीं कर पाते, तो 21 और 22 अप्रैल को 2000 रुपये लेट फीस के साथ आवेदन किया जा सकेगा।
- परीक्षा शुल्क: सामान्य शुल्क प्रति विषय 320 रुपये निर्धारित है। यदि कोई छात्र तीन विषयों के लिए आवेदन करता है, तो उसे 960 रुपये जमा करने होंगे।
गणित के विकल्प में बदलाव की सुविधा
इस बार बोर्ड ने छात्रों को एक विशेष राहत दी है। मुख्य परीक्षा (फरवरी-मार्च 2026) में जिन छात्रों ने ‘गणित स्टैंडर्ड’ (Mathematics Standard) लिया था और वे उसमें सफल नहीं हो पाए, वे दूसरी परीक्षा में ‘गणित बेसिक’ (Mathematics Basic) का विकल्प चुन सकते हैं। हालांकि, अन्य विषयों में इस तरह के परिवर्तन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
पुनर्मूल्यांकन और फोटोकॉपी की सुविधा
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि उत्तर पुस्तिकाओं के सत्यापन, फोटोकॉपी प्राप्त करने और पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) की ऑनलाइन सुविधाएं दूसरी परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद ही उपलब्ध होंगी। छात्र इन परिणामों का उपयोग कक्षा 11वीं में दाखिले के लिए कर सकेंगे।
महत्वपूर्ण नियम और शर्तें
बोर्ड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार कुछ कड़े नियम भी लागू किए गए हैं:
- अतिरिक्त विषय पर रोक: दसवीं पास करने के बाद अब छात्रों को अतिरिक्त विषय के साथ परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
- ईआर (ER) श्रेणी: ऐसे छात्र जिन्हें ‘इंसेंशियल रिपीट’ (Essential Repeat) श्रेणी में रखा गया है, वे इस सुधार परीक्षा (Improvement Exam) में नहीं बैठ सकेंगे। उन्हें पूरी कक्षा दोबारा पढ़नी होगी।
- अनुपस्थिति का परिणाम: यदि किसी छात्र का नाम LOC में दर्ज है और फीस भी जमा है, लेकिन वह परीक्षा में शामिल नहीं होता है, तो मुख्य परीक्षा 2026 के अंकों को ही अंतिम माना जाएगा।
- पाठ्यक्रम (Syllabus): दूसरी परीक्षा पूरी तरह से मुख्य परीक्षा 2026 के निर्धारित पाठ्यक्रम पर ही आधारित होगी।
निष्कर्ष
सीबीएसई का यह कदम उन लाखों छात्रों के लिए एक जीवनदान की तरह है जो महज कुछ अंकों से पिछड़ गए थे। तीन मौकों की व्यवस्था से छात्रों पर मानसिक दबाव कम होगा और उन्हें अपनी कमियों को सुधारने का पर्याप्त समय मिलेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि छात्रों को मई में होने वाली पहली सुधार परीक्षा को ही गंभीरता से लेना चाहिए ताकि उनका शैक्षणिक सत्र प्रभावित न हो।








