गोरखपुर। शिक्षा के क्षेत्र में गोरखपुर ने एक बार फिर अपनी धाक जमाई है। शहर के प्रतिष्ठित महात्मा गांधी (MG) पीजी कॉलेज के गणित विभाग के चार होनहार छात्रों ने देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक ‘जैम’ (JAM – Joint Admission Test for Masters) में सफलता का परचम लहराया है। इस उपलब्धि के बाद न केवल कॉलेज परिसर बल्कि पूरे जिले में हर्ष का माहौल है।
क्या है जैम (JAM) परीक्षा?
आईआईटी बॉम्बे की ओर से आयोजित होने वाली यह परीक्षा देशभर के भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IITs) और राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NITs) में परास्नातक (Masters) स्तर के पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ली जाती है। इस परीक्षा के माध्यम से छात्रों को एमएससी, ज्वाइंट एमएससी-पीएचडी और इंटीग्रेटेड पीएचडी जैसे उच्च स्तरीय शोध और डिग्री कोर्सेज में दाखिला मिलता है।
इन छात्रों ने बढ़ाया कॉलेज का गौरव
गणित विभाग के बीएससी अंतिम वर्ष के जिन चार छात्रों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है, उनकी रैंक इस प्रकार है:
- अजीत मणि तिवारी: 1172वीं रैंक
- प्रशांत सिंह: 1177वीं रैंक
- अमित यादव: 1328वीं रैंक
- दिलीप साहनी: 1701वीं रैंक
इन छात्रों की सफलता इसलिए भी विशेष है क्योंकि इन्होंने स्नातक स्तर की पढ़ाई के साथ-साथ कठिन परिश्रम और अनुशासन के बल पर अखिल भारतीय स्तर पर यह स्थान प्राप्त किया है।
संकल्प और अनुशासन का परिणाम: प्रबंधक
कॉलेज के प्रबंधक मंकेश्वर नाथ पांडेय ने छात्रों की इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता मात्र एक परीक्षा परिणाम नहीं है। यह छात्रों के अटूट संकल्प, निरंतर अनुशासन और संस्थान की उत्कृष्टता की संस्कृति का जीवंत प्रमाण है। उन्होंने कहा कि एमजी पीजी कॉलेज हमेशा से ही छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध रहा है।
शिक्षकों और प्राचार्य ने दी बधाई
प्राचार्य प्रो. अनिल सिंह और गणित विभागाध्यक्ष प्रो. उमेश गुप्त सहित विभागीय शिक्षकों ने सफल छात्रों को मिठाई खिलाकर बधाई दी। शिक्षकों ने कहा कि इन छात्रों ने अपनी मेहनत से यह साबित कर दिया है कि यदि सही दिशा में प्रयास किया जाए, तो संसाधनों की कमी कभी सफलता के आड़े नहीं आती। विभागीय शिक्षकों के मार्गदर्शन और छात्रों की लगन ने इस कठिन लक्ष्य को आसान बना दिया।
भविष्य की राह हुई आसान
इस परीक्षा में सफल होने के बाद अब ये चारों छात्र देश के शीर्ष तकनीकी और वैज्ञानिक संस्थानों में उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। इससे न केवल उनके करियर को नई ऊंचाइयां मिलेंगी, बल्कि वे विज्ञान और गणित के क्षेत्र में शोध कर देश के विकास में भी योगदान दे सकेंगे।
निष्कर्ष: प्रेरणा का स्रोत
एमजी पीजी कॉलेज के इन छात्रों की सफलता गोरखपुर के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा है। यह संदेश देता है कि छोटे शहरों के डिग्री कॉलेजों में पढ़कर भी छात्र देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों (IITs) तक पहुँचने का सपना सच कर सकते हैं।









