प्रयागराज: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा (PCS) मुख्य परीक्षा 2025 का काउंटडाउन शुरू हो गया है। आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, मुख्य परीक्षा 29 मार्च से 1 अप्रैल 2025 तक आयोजित की जाएगी। इस बार परीक्षा के लिए प्रदेश के दो प्रमुख शहरों—प्रयागराज और लखनऊ को केंद्र बनाया गया है, जहाँ कुल 11,403 अभ्यर्थी अपनी किस्मत आजमाएंगे।
परीक्षा का शेड्यूल और समय
मुख्य परीक्षा दो सत्रों में आयोजित की जाएगी। अभ्यर्थियों को समय का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है:
- प्रथम सत्र: सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक।
- द्वितीय सत्र: दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक।
प्रयागराज और लखनऊ के केंद्रों का विवरण
प्रयागराज में परीक्षा के सफल आयोजन के लिए 12 केंद्र निर्धारित किए गए हैं, जहाँ 4,757 अभ्यर्थी शामिल होंगे। वहीं, राजधानी लखनऊ में अभ्यर्थियों की संख्या अधिक होने के कारण 15 केंद्रों पर 6,646 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे।
प्रयागराज के प्रमुख परीक्षा केंद्र:
प्रयागराज में केसर विद्यापीठ (चौक), डीएवी इंटर कॉलेज (मीरापुर), कर्नलगंज इंटर कॉलेज, यादगार-ए-हुसैनी, डीपी गर्ल्स इंटर कॉलेज, भारत स्काउट एंड गाइड, और ईश्वर शरण इंटर कॉलेज (सलोरी) जैसे प्रमुख शिक्षण संस्थानों को केंद्र बनाया गया है।
प्रशासन की तैयारी: ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
प्रयागराज के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने परीक्षा को निष्पक्ष और नकल विहीन संपन्न कराने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं।
- स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती: प्रत्येक केंद्र पर बाह्य निरीक्षक और स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती सुनिश्चित की गई है।
- समीक्षा बैठक: 27 मार्च को सभी केंद्र व्यवस्थापकों और मजिस्ट्रेटों की एक अहम बैठक बुलाई गई है, जिसमें सुरक्षा प्रोटोकॉल और शुचिता बनाए रखने पर अंतिम चर्चा होगी।
- सीसीटीवी निगरानी: सभी केंद्रों को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है, जिसकी सीधी मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम से की जाएगी।
अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश
मुख्य परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड के साथ-साथ एक वैध पहचान पत्र (आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि) ले जाना अनिवार्य है। परीक्षा शुरू होने से कम से कम 30-45 मिनट पहले केंद्र पर पहुँचने की सलाह दी जाती है ताकि अंतिम समय की भागदौड़ से बचा जा सके।
निष्कर्ष
UPPSC PCS मुख्य परीक्षा राज्य की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक है। अगले चार दिनों तक चलने वाली यह परीक्षा तय करेगी कि उत्तर प्रदेश प्रशासन को नए ऊर्जावान अधिकारी कौन मिलेंगे। आयोग ने अपनी ओर से तैयारियां पूरी कर ली हैं, अब जिम्मेदारी अभ्यर्थियों और केंद्र व्यवस्थापकों की है।










